परिचय:
आज के समय में लोन लेना आम बात हो गई है। कोई घर के लिए लोन लेता है, कोई इलाज के लिए, तो कोई व्यापार या छोटे काम के लिए। जब तक आमदनी ठीक रहती है, तब तक लोन की EMI समय पर चुकाई जाती रहती है।
लेकिन कई बार हालात बिगड़ जाते हैं — जैसे नौकरी छूट जाना, व्यापार में नुकसान, बीमारी या आमदनी कम हो जाना। ऐसी स्थिति में व्यक्ति पूरे लोन की रकम चुकाने में असमर्थ हो जाता है।
इसी समय बैंक या फाइनेंस कंपनी Loan Settlement का विकल्प देती है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि loan settlement ka CIBIL score par kya asar padta hai, और क्या आगे चलकर दोबारा लोन मिल पाता है या नहीं।
इस लेख में हम इन सभी सवालों के जवाब सरल और साफ हिंदी में जानेंगे।
सिबिल स्कोर क्या होता है?
सिबिल स्कोर एक नंबर होता है, जिससे बैंक यह समझता है कि आपने पहले लिए हुए लोन और कार्ड का पैसा कैसे चुकाया। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है।
- 750 से ऊपर — अच्छा
- 650 से 749 — ठीक
- 650 से नीचे — कमजोर
जितना अच्छा स्कोर, उतना भरोसा। नया लोन लेते समय बैंक सबसे पहले यही देखता है।
लोन सेटलमेंट क्या होता है?
लोन सेटलमेंट का मतलब होता है—पूरा पैसे न देकर, कम रकम एक साथ देकर लोन बंद करना।
यह तब होता है जब उधार लेने वाला व्यक्ति पूरी रकम चुकाने की हालत में नहीं होता।
उदाहरण:
मान लीजिए किसी पर 2 लाख रुपये का लोन बाकी है। हालत खराब है। बैंक से बात हुई। बैंक बोला—1 लाख 40 हजार एक साथ दे दो, बाकी छोड़ देंगे। पैसा दिया गया और लोन बंद। यही लोन सेटलमेंट है।
Loan Settlement Karne Se CIBIL Score Par Kya Asar Padta Hai?
लोन सेटलमेंट का सीधा और नकारात्मक असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है।
जब आपका लोन सेटलमेंट होता है, तो बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में उसे “Settled” लिखकर अपडेट करता है, न कि “Closed”।
ध्यान रखें: इसका मतलब यह होता है कि आपने पूरा पैसा नहीं चुकाया है।

लोन सेटलमेंट करने से क्या होता है?
सेटलमेंट के बाद बैंक ये काम करता है:
- लोन खाता बंद करता है
- रिपोर्ट में लिखता है कि लोन सेटलमेंट से बंद हुआ
- यह जानकारी सिबिल को भेजी जाती है
यहीं से सिबिल स्कोर पर असर शुरू होता है।
लोन सेटलमेंट करने से सिबिल स्कोर पर क्या असर पड़ता है?
लोन सेटलमेंट करने से सिबिल स्कोर गिरता है।
कारण साफ है—रिपोर्ट में दिखता है कि आपने पूरा कर्ज नहीं चुकाया।
- पहले स्कोर अच्छा था, तो काफी गिरावट आती है
- पहले से कमजोर था, तो और खराब हो जाता है
सीधे शब्दों में-
सेटलमेंट सिबिल स्कोर को सुधारता नहीं, बिगाड़ता है।
क्या लोन सेटलमेंट करने से सिबिल स्कोर शून्य हो जाता है?
नहीं। स्कोर शून्य नहीं होता, लेकिन बहुत नीचे चला जाता है।
कई मामलों में 100 से 150 अंक तक गिर सकता है।
सेटलमेंट और पूरा लोन चुकाने में फर्क क्या है?
- पूरा लोन चुकाना: भरोसा बनता है, स्कोर सुधरता है।
- सेटलमेंट: भरोसा टूटता है, और स्कोर गिरता है।
इसलिए जहाँ तक संभव हो, पूरा लोन चुकाना ही बेहतर होता है।
लोन सेटलमेंट करने के नुकसान क्या हैं?
- आगे नया लोन मिलना मुश्किल
- ब्याज दर ज्यादा लग सकती है
- बैंक भरोसेमंद ग्राहक नहीं मानता
- सिबिल में खराब रिकॉर्ड करीब 7 साल रहता है
लोन सेटलमेंट करने के फायदे क्या हैं?
फायदे कम हैं, लेकिन मजबूरी में राहत मिलती है:
- फोन कॉल और नोटिस बंद
- कानूनी परेशानी से बचाव
- कम पैसे में मामला खत्म
सेटलमेंट फायदे का सौदा नहीं, मजबूरी का रास्ता है।
पर्सनल लोन सेटलमेंट करने से क्या असर पड़ता है?
पर्सनल लोन बिना किसी गारंटी के होता है। इसलिए इसका सेटलमेंट करने पर:
- सिबिल स्कोर पर ज्यादा बुरा असर
- आगे पर्सनल लोन मिलना और कठिन

अगर किश्त न दें और सेटलमेंट भी न करें तो क्या होगा?
- लगातार कॉल
- नोटिस
- कानूनी कार्रवाई
- सिबिल स्कोर बहुत खराब
इसलिए या तो समय पर भुगतान, या मजबूरी में सेटलमेंट।
लोन सेटलमेंट की प्रक्रिया क्या है?
- बैंक से बात करें
- अपनी परेशानी साफ बताएं
- लिखित ऑफर लें
- तय रकम जमा करें
- सेटलमेंट पत्र जरूर लें
बिना कागज़ के कभी पैसा न दें।

लोन सेटलमेंट में कितना समय लगता है?
आमतौर पर 15 दिन से 2 महीने। यह बैंक और केस पर निर्भर करता है।
सेटलमेंट के बाद सिबिल स्कोर कैसे सुधारे?
- समय पर बिल और छोटे भुगतान भी समय पर भरें।
- जरूरत हो तो छोटा सुरक्षित लोन लेकर समय पर चुकाना।
- धैर्य रखना, सुधार धीरे-धीरे आता है।
लोग गूगल पर ये सवाल भी पूछते हैं
प्रश्न: क्या सेटलमेंट करना गलत है?
उत्तर: गलत नहीं, लेकिन आखिरी रास्ता होना चाहिए।
प्रश्न: सेटलमेंट के बाद लोन मिलेगा?
उत्तर: मिल सकता है, पर मुश्किल से।
प्रश्न: सेटलमेंट की एंट्री कितने साल रहती है?
उत्तर: लगभग 7 साल।
प्रश्न: पूरा पैसा देने से क्या फायदा?
उत्तर: स्कोर सुरक्षित रहता है और भरोसा बनता है।
निष्कर्ष:
अब आप साफ समझ गए होंगे कि लोन सेटलमेंट करने से सिबिल स्कोर पर गलत असर पड़ता है।
यह फैसला सोच-समझकर लेना चाहिए। जहाँ तक संभव हो, पूरा लोन चुकाने की कोशिश करें। सेटलमेंट को हमेशा आखिरी रास्ता मानें। क्युंकि इससे आपका Cibil Score गिर सकता है।
Disclaimer
Disclaimer: This article is for informational purposes only. Loan settlement rules and CIBIL score impact may vary by bank and financial institution. Please consult your bank or a financial advisor before making any decision.

